NASA हबल टेलीस्कोप का संचालन बढ़ाने और उसके मिशन को सुरक्षित रूप से समाप्त करने के तरीकों का अध्ययन कर रहा है

- NASA ने व्यावसायिक कंपनियों से हबल के रखरखाव और मिशन को सुरक्षित रूप से समाप्त करने की तकनीकों के बारे में जानकारी मांगी
- टेलीस्कोप के 2033–2034 में वायुमंडल में फिर से प्रवेश करने की संभावना है; NASA के अनुमान के अनुसार, इसकी कक्षा को ऊँचा उठाने के लिए मिशन 2032 तक आवश्यक है
- जानकारी का अनुरोध करने का अर्थ यह नहीं है कि किसी विकल्प को पहले ही मंज़ूरी दे दी गई है
NASA हबल के लिए व्यावसायिक समाधान तलाश रहा है
NASA यह पता लगा रहा है कि क्या निजी अंतरिक्ष कंपनियाँ हबल टेलीस्कोप का संचालन आगे बढ़ाने में मदद कर सकती हैं। यह टेलीस्कोप 35 साल से भी अधिक समय से ब्रह्मांड के बारे में हमारी समझ को बदल रहा है। 29 अक्टूबर को एजेंसी ने इस यान की कक्षा में सेवा के लिए व्यावसायिक तकनीकों के बारे में जानकारी का अनुरोध प्रकाशित किया। NASA यह जानना चाहता है कि क्या नए अंतरिक्ष यान वेधशाला को चालू रखने, उसकी क्षमताओं को बेहतर बनाने या मिशन को सुरक्षित रूप से समाप्त करने में मदद कर सकते हैं। यह अनुरोध केवल जानकारी जुटाने के लिए है, किसी विशेष परियोजना को मंज़ूरी देने के लिए नहीं।
NASA प्रशासक जेरेड आइज़ैकमैन ने कहा कि हबल के पास अभी भी महत्वपूर्ण वैज्ञानिक कार्य हैं और एजेंसी का मानना है कि उसका काम जारी रखने की संभावनाओं का अध्ययन करना उचित होगा। उनके तर्क में वैज्ञानिक समुदाय और अमेरिकी करदाताओं, दोनों के हित शामिल हैं: यदि पहले से कक्षा में मौजूद यान की सेवा अवधि बढ़ाने के नवोन्मेषी और किफ़ायती तरीके उपलब्ध हैं, तो उन पर विचार किया जाना चाहिए। हालांकि, इस बयान से न तो किसी तैयार समाधान की पुष्टि होती है, न ही उसके लिए धन या प्रक्षेपण की।
अनुरोध में कई संभावित रास्ते बताए गए हैं, और वैज्ञानिक काम को जारी रखना ही एकमात्र लक्ष्य नहीं है। NASA यह पता लगा रहा है कि क्या दूरबीन को अधिक ऊँची कक्षा में पहुँचाया जा सकता है, उसकी सर्विसिंग या क्षमताओं में सुधार के लिए कोई यान भेजा जा सकता है, और साथ ही उसका संचालन सुरक्षित रूप से समाप्त करने की तैयारी की जा सकती है। मिशन समाप्त करने के विकल्पों में नियंत्रित रूप से वायुमंडल में उतारना और कक्षा में ही निपटान करना शामिल है। फिलहाल, इन सभी परिदृश्यों को संभावनाओं के तौर पर देखा जा रहा है, न कि स्वीकृत योजना के रूप में।
दूरबीन की कक्षा नीचे क्यों आ रही है
‘हबल’ पृथ्वी की निचली कक्षा में है, जहाँ वायुमंडल के अवशेष अंतरिक्ष यानों की गति का प्रतिरोध करते हैं। सैकड़ों मील की ऊँचाई पर भी गैस पूरी तरह गायब नहीं होती: थोड़ा-सा घर्षण समय के साथ कक्षा की ऊँचाई कम करता है और यान धीरे-धीरे वायुमंडल की अधिक घनी परतों की ओर नीचे उतरता है। यह एक धीमी प्रक्रिया है, लेकिन इससे दूरबीन का दीर्घकालीन भविष्य प्रभावित होता है और यह उस समय को सीमित करती है, जब तक वह अपनी मौजूदा कक्षा में रह सकती है।
मुख्य तकनीकी बाधा यह है कि ‘हबल’ में ऐसी प्रणोदन प्रणाली नहीं है, जो समय-समय पर उसकी कक्षा को ऊँचा कर सके और उसमें हो रही गिरावट की भरपाई कर सके। इसलिए दूरबीन इस प्रक्रिया को अपने दम पर उलट नहीं सकती; कक्षा बदलने के लिए बाहरी मदद की ज़रूरत होगी। NASA वाणिज्यिक कंपनियों से इसी संभावना का मूल्यांकन करने को कह रहा है। एजेंसी के अनुरोध का यह अर्थ नहीं है कि ऐसा उपयुक्त यान पहले से मौजूद है या कोई खास तकनीक इस प्रक्रिया को सुरक्षित ढंग से पूरा करने में निश्चित रूप से सक्षम होगी।
NASA के मौजूदा विश्लेषण के अनुसार, हबल के वायुमंडल में पुनः प्रवेश की संभावना 2033 से 2034 के बीच है। यदि एजेंसी कक्षा को ऊँचा उठाकर इस स्थिति को रोकने का निर्णय लेती है, तो उसके अनुमान के अनुसार यह मिशन 2032 तक पूरा करना होगा। इसका मतलब है कि तय समय-सीमा से पहले प्रस्तावों की तुलना करने के साथ-साथ निर्णय का आकलन करना, मिशन विकसित करना और उसे पूरा करना भी ज़रूरी है। स्रोत में ठेकेदार चुनने या परियोजना को मंज़ूरी देने की समय-सीमा का उल्लेख नहीं है।
एजेंसी किन विकल्पों पर विचार कर रही है
कक्षा को ऊँचा उठाने से उसमें धीरे-धीरे हो रही गिरावट का मुकाबला किया जा सकता है और संभवतः दूरबीन को वैज्ञानिक अवलोकनों के लिए कुछ अतिरिक्त वर्ष मिल सकते हैं। NASA अंतरिक्ष यान की सर्विसिंग और उसकी क्षमताओं में संभावित सुधार में भी दिलचस्पी रखता है। हालांकि, अनुरोध में यह नहीं बताया गया है कि किन प्रणालियों को अपग्रेड करने का प्रस्ताव है, कौन-से काम करने होंगे या दूरबीन के प्रदर्शन में कितना बदलाव आ सकता है। इसलिए फिलहाल यह तय मानना उचित नहीं होगा कि सर्विसिंग से वैज्ञानिक कामकाज की अवधि ज़रूर बढ़ेगी: एजेंसी केवल यह पता लगा रही है कि कौन-से विकल्प उपलब्ध हैं।
वाणिज्यिक क्षेत्र से संपर्क इसलिए किया जा रहा है क्योंकि हाल के वर्षों में अंतरिक्ष में उपग्रहों को पकड़ने और उनकी सेवा करने की उद्योग की क्षमताएँ तेज़ी से विकसित हुई हैं। NASA के विज्ञान मिशन निदेशालय की उप प्रमुख निकी फॉक्स ने इसे हबल के लिए समाधानों की व्यापक शृंखला पर विचार करने का कारण बताया, जबकि एजेंसी भविष्य के प्रमुख मिशन की योजना बना रही है। इस अनुरोध का व्यावहारिक उद्देश्य यह समझना है कि कौन-सी तकनीकें उपलब्ध हैं और क्या वे व्यावहारिक तथा किफ़ायती हो सकती हैं। स्रोत में कंपनियों के जवाबों या ऐसी किसी तुलना के नतीजों का ज़िक्र नहीं है।
NASA उन परिदृश्यों पर भी विचार कर रहा है जिनमें दूरबीन का वैज्ञानिक काम समाप्त हो जाएगा। इनमें से एक है यान को नियंत्रित तरीके से वायुमंडल में प्रवेश कराना; दूसरा है उसे कक्षा में ही निष्क्रिय करना। इससे यह अनुरोध केवल अवलोकन जारी रखने का तरीका खोजने तक सीमित नहीं रहता: एजेंसी यह भी समझना चाहती है कि मिशन का अंत कैसे व्यवस्थित किया जा सकता है। हालांकि, इस फैसले की तारीख, कोई ठोस योजना और विकल्पों में से चुनाव अभी घोषित नहीं किए गए हैं। NASA की भाषा इस बात पर ज़ोर देती है कि यह संभावनाओं का अध्ययन है, न कि यान को औपचारिक रूप से सेवा से हटाने की मंज़ूरी।
वैज्ञानिक महत्व और अनसुलझे प्रश्न
हबल तीन दशकों से भी अधिक समय से काम कर रहा है और अब तक प्रक्षेपित की गई सबसे प्रभावशाली वैज्ञानिक वेधशालाओं में से एक बन गया है। इसके अवलोकनों ने खगोलविदों की ब्रह्मांड के बारे में समझ को बदल दिया है, और यह दूरबीन अब भी खगोल विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण परिणाम दे रही है। इसलिए इसके सेवा-काल का प्रश्न केवल इसकी कक्षा की स्थिति तक सीमित नहीं है: यह तय करता है कि वैज्ञानिक इस सक्रिय वेधशाला का उपयोग कितने समय तक कर पाएँगे। स्रोत यह स्पष्ट नहीं करता कि भविष्य में कौन-सी विशिष्ट खोजें हो सकती हैं।
यह दूरबीन NASA और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के बीच लंबे समय से चले आ रहे अंतरराष्ट्रीय सहयोग का परिणाम है। मैरीलैंड के ग्रीनबेल्ट में स्थित गोडार्ड अंतरिक्ष उड़ान केंद्र दूरबीन और मिशन के संचालन के प्रबंधन की ज़िम्मेदारी संभालता है; डेनवर स्थित लॉकहीड मार्टिन स्पेस अतिरिक्त परिचालन सहायता प्रदान करता है। वैज्ञानिक संचालन बाल्टीमोर स्थित अंतरिक्ष दूरबीन विज्ञान संस्थान करता है, जिसका प्रबंधन NASA की ओर से खगोल विज्ञान अनुसंधान के लिए विश्वविद्यालयों के संघ द्वारा किया जाता है। सूचना के अनुरोध में इस संरचना के साथ-साथ व्यावसायिक संभावनाओं का आकलन भी शामिल है।
अगला कदम कंपनियों द्वारा दी गई जानकारी पर और इस बात पर निर्भर करेगा कि वे व्यावहारिक और किफायती समाधान पेश करती हैं या नहीं। NASA सोमवार, 30 नवंबर को पूर्वी समयानुसार दोपहर 3 बजे तक सूचना के अनुरोध के जवाब स्वीकार कर रहा है; संदेश में वर्ष का उल्लेख नहीं है। अभी यह पता नहीं है कि एजेंसी कक्षा को ऊँचा उठाने, सेवा देने, मिशन समाप्त करने के किसी एक तरीके या किसी अन्य विकल्प को चुनेगी। केवल समय-सीमाएँ तय हैं: 2033–2034 में वायुमंडल में पुनः प्रवेश की उम्मीद है और 2032 से पहले कक्षा को ऊँचा उठाना आवश्यक है।
स्रोत: ScienceDaily



